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ज्योतिष परामर्श एवं कुंडली विश्लेषण

पंडित हरिओम शर्मा(स्वामी हरिहर) का नाम सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषाचार्य, पूजन एवं विशेष अनुष्ठानकर्ता के रूप में लिया जाता है| पंडित जी के ज्योतिष मार्गदर्शन से देश ही नहीं, विदेश में भी लोगों को उचित ज्ञान प्राप्त हुआ और सभी व्यक्तियों ने उचित मार्गदर्शन पर चलकर नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है और हर क्षेत्र में विजय प्राप्त की है| आचार्य जी ग्रह नक्षत्र के अच्छे जानकार है एवं उन्हें क्षेत्र में 25 वर्ष का गहन अनुभव है, इसी अनुभव को ध्यान में रखकर उन्होंने कई घटनाओं के बारे में पहले से भविष्यवाणी की है, जो आगे चलकर सच साबित हुई है, कई मशहूर हस्ती, राजनेता, व्यापारी जो कठिनाइयों में फंसे तो पंडित जी से उचित मार्गदर्शन प्राप्त किया जिससे उन्हें विजय प्राप्त हुई।

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मंगल दोष भात पूजा

जिस जातक की जन्म कुंडली, लग्न/चंद्र कुंडली आदि में मंगल ग्रह, लग्न से लग्न में (प्रथम), चतुर्थ, सप्तम, अष्टम तथा द्वादश भावों में से कहीं भी स्थित हो, तो उसे मांगलिक कहते हैं। मांगलिक कुंडली वालों को विवाह के पूर्व भात पूजा करने की सलाह दी जाती है। भात पूजन मंगल दोष निवारण हेतु किया जाता है। मंगलदेव की उत्पत्ति धरती माता से हुई थी। मंगलदेव का जन्म मध्यप्रदेश के अवंतिका अर्थात उज्जैन में हुआ था। जहां उनका जन्म हुआ था उसे मंगलनाथ स्थान कहते हैं। इस स्थान पर विश्व का एकमात्र मंगल ग्रह का मंदिर है। कहते हैं कि इस स्थान नर ही मंगल ग्रह की सीधी किरने धरती पर आती है। इसी स्थान से कर्क रेखा गुजरती है। कर्क रेखा से ये किरणें मंगल ग्रह के प्रतीक स्वयंभू शिवलिंग पर पड़ती है।

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महामृत्युंजय अनुष्ठान​

मंत्र का उल्लेख ऋग्वेद और यजुर्वेद में मिलता है। महा मृत्युंजय पूजा पुरानी और जानलेवा बीमारियों को दूर करने और व्यक्ति के स्वास्थ्य में जबरदस्त सुधार करने के लिए उपयोगी है। इस पूजा का परिणाम परिवार के लिए एक सुरक्षा कवच का निर्माण भी होता है। यह इसे करने वाले भक्त के जीवनकाल को भी बढ़ाता है। बहुत शक्तिशाली पूजा जीवन से सभी बुरे प्रभावों को मिटाकर किसी के जीवन में सभी मुद्दों और समस्याओं को दूर करने में मदद करती है। यह पूजा पेशेवर सफलता प्राप्त करने और एक महत्वाकांक्षी जीवन जीने में भी सहायता कर सकती है। पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करने से शरीर में शांति प्रदान करने वाले ऊर्जा बिंदु भी खुल जाते हैं। इसके अलावा, यह जन्म कुंडली में ग्रहों के दुष्प्रभाव को दूर करने में भी उपयोगी है

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कालसर्प दोष पूजा​

ऐसा तब होता है जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं। इसका परिणाम असफलता और निराशा है क्योंकि सभी कार्य सही ढंग से नहीं किए गए हैं। अक्सर नकारात्मकता और हीन भावना की ओर ले जाता है। यह विधि वैदिक प्रक्रिया के द्वारा की जाती है, हालांकि बहुत ही सरल बहुत प्रभावी है। एक विशेष पूजा करनी है जो मध्यप्रदेश के अवंतिका अर्थात उज्जैन में की जाती है| हम पूजा के लिए मदद के लिए तैयार हैं। जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच स्थित होते हैं, तो काल ने सर्प योग का निर्माण होता है | इससे अल्प मृत्यु का योग भी खत्म होता है

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नवग्रह शांति​

सभी व्यक्तियों का सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि राहु-केतु ज्योतिष की माने तो हर कोई व्यक्ति किसी ना किसी ग्रह दोष से पीड़ित होता है उनके जीवन के सभी क्षेत्रों में असफलता प्राप्त होती है, हर काम बनते बनते बिगड़ जाता है, सेहत साथ नहीं देती है, घर पर रोग, ऋण, ग्रह कलेश होता रहता है, मान सम्मान नहीं होता, बच्चे की बुद्धि का विकास नहीं होता है, वंश वृद्धि नहीं होती है, तो यह सभी नव ग्रह दोषों के कारण होता है | पंडित हरिओम शर्मा(स्वामी हरिहर) द्वारा नवग्रह शांति पूजा बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में संपन्न कराई जाती है, जिसमें प्रमुख रुप से जप, अनुष्ठान एवं पूजन होता है, इसे की व्यक्तियों को नवग्रह शांति प्राप्त होती है एवं जीवन में उन्नति प्राप्त करता है। है

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बगलामुखी हवन

हम विशेष अनुरोध पर बगलामुखी हवन करते हैं। विभिन्न प्रकार की समस्याओं के लिए बगलामुखी हवन के लिए अलग-अलग हवन सामग्री का उपयोग किया जाता है। गौरैया दुष्टों को मारती है मुसीबत के समय, नई चेतना का संचार करती है। उसके ध्यान या प्रार्थना में आस्था और विश्वास अनंत हैं, तभी उसकी शुभ दृष्टि आप पर होगी। इनकी पूजा करके आप जीवन में जो चाहें कर सकते हैं। उनकी अधिकांश पूजा आजकल राजनेता चुनाव जीतने और अपने दुश्मनों को हराने की रस्में करते हैं। इनकी पूजा करने से कभी भी शत्रु को परास्त नहीं किया जा सकता है, लेकिन इससे मनमाना कष्ट हो सकता है। उनकी (अनुष्ठान) पूजा करते समय ब्रह्मचर्य आवश्यक है।

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बगलामुखी अनुष्ठान​​

सभी बुराइयों को मुंह में पढ़ लेते हैं। माँ बगलुखी का यह मंत्र अकल्पनीय अस्त्र है, जो प्रयोग करने के बाद आपका जीवन शत्रु बाधा से मुक्त हो सकता है। निःसंदेह यह मंत्र आपके शत्रु का स्तम्भ होगा, लेकिन बकरी मंत्र के साधक की उचित अनुचितता का ज्ञान आवश्यक है। इस मंत्र का प्रयोग करने के लिए केवल नियमों का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र व्यक्ति का ध्यान रखना है। इस मंत्र को हर व्यक्ति ने छोटी-छोटी किताबों और इंटरनेट आदि के माध्यम से जाना है। लेकिन गुरु के मुख से प्राप्त मन्त्र में सुनने और सुनने में जो ज्ञान है, उसमें अंतर है। गुरु को आदेश देना होता है कि किसी व्यक्ति को यह मंत्र गहन पड़ताल के द्वारा दिया जाए।

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आकर्षण​

आकर्षण का अर्थ है किसी को आकर्षित करना या किसी को अपने प्रभाव में करना। आप जिस व्यक्ति को चाहते हैं उसे आकर्षित करने और उस व्यक्ति को अपने प्रभाव में लाने के लिए आकर्षण पूजा और यज्ञ किया जाता है। यह पूजा मंत्रमुग्ध (जादू) करने और उस व्यक्ति को अपने जीवन में लाने के लिए भी फायदेमंद है जिसे आप प्यार करते हैं। इस पूजा अनुष्ठान का उपयोग आपके जीवन में किसी को आकर्षित करने और आकर्षित करने के लिए भी किया जा सकता है। आकर्षण पूजा और यज्ञ के देवता भगवान कामदेव, गंधर्व राज और प्रद्युम्न हैं|

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वशीकरण तांत्रिक​

आपको जीवन में एक बेहतर संतुलन प्रदान करना जीवन में सबसे अप्रत्याशित है क्योंकि हम मानव प्राणी हैं। जीवन हमें कभी-कभी त्रासदियों का ढेर देता है, कभी-कभी यह एक शानदार स्थिति के रूप में आता है। हालाँकि जीवन आनंद की कड़वाहट से भरा है, फिर भी सच्चाई यह है कि, हममें से किसी को भी इस बात का एहसास नहीं है कि आने वाले दिनों में या यहाँ तक कि आने वाले घंटों में हमारे साथ क्या होगा। हमारा जीवन इतना अनिश्चित क्यों है? उन अनिश्चितताओं के लिए जिम्मेदार कारक क्या हैं? अब सर्वश्रेष्ठ वशीकरण सेवाओं के माध्यम से आप इस भावना से गुजर सकेंगे..

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उच्चाटन

पंडित हरिओम शर्मा(स्वामी हरिहर) उच्चाटन प्रयोग अत्यंत गोपनीय सर्वश्रेष्ठ तरीके से संपन्न कराए जाते हैं। जिसमें प्रमुख रुप से निम्न प्रयोग शामिल है| प्रेम में धोखा देने पर प्रेम बंधन विच्छेद करना, अपने शत्रु पर उच्चाटन प्रयोग करना जिससे के शत्रु अपनी शत्रुता पूर्णता भूल जाए, राजनीतिक क्षेत्र न्यायिक क्षेत्र में स्थित गुप्त शत्रुओं को उच्चाटन के द्वारा दूर करना, एवं अपने प्रभाव को कायम रखना जब दुश्मन हम को परयंत्र, परमंत्र, परतंत्र और यंत्रो के द्वारा, मंत्रों के द्वारा, तंत्रों के द्वारा और भूत प्रेत पिशाच बाधाओं द्वारा जब दुश्मन हम को नुकसान पहुंचाना चाहता है तो पंडित श्री माखन शास्त्री जी द्वारा उच्चाटन कर्म अनुष्ठान द्वारा समस्त बाधाएं दूर की जाती हैं।

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शत्रु स्तम्भन​

शत्रुओं द्वारा हम पर परयंत्र, परमंत्र या परतंत्र के प्रयोग से हम को हानि पहुंचाने की कोशिश करता है। तो उन सभी तांत्रिक क्रियाओं को रोकने के लिए स्तंभन क्रिया का प्रयोग किया जाता है, जिससे कि वह सभी दुश्मनों एवं दुष्ट शक्तियों, दुराचारी के प्रयोग, तंत्र प्रयोग, बाधा प्रयोग, मंत्र प्रयोग, का एक अच्छे व्यक्ति पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है, एवं वह विजय प्राप्त होता है। मां बगलामुखी माता इनके बाय मे महा सरस्वती विराजमान है वाणी की देवी है, जो वाणी, जिह्वा और बुद्धि की देवी है, जो शत्रु हमारे बारे में बुरा सोचता है, बुरा देखता है, बुरा बोलता है, मां भगवती उसकी बुद्धि जिह्वा वाणी का स्तंभन कर देती है, इसके लिए पंडित हरिओम शर्मा(स्वामी हरिहर) द्वारा स्तंभन क्रिया एवं अनुष्ठान कार्य किया जाता है, जिससे कि व्यक्तियों को राजनीतिक न्यायिक व्यापारिक एवं सभी क्षेत्रों में लाभ प्राप्त होता है।

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शत्रु विनाश रोगनाश​

पंडित हरिओम शर्मा(स्वामी हरिहर) द्वारा शत्रु विनाश में व्यक्तियों के अनचाहे शत्रु गुप्त शत्रु जैसे ऋण, रोग, पाप, दोष, ग्रह दोष मुक्ति, ऊपरी बाधाएं यह सभी शत्रु का विनाश आचार्य द्वारा मां बगलामुखी मंदिर में जाप, हवन एवं अनुष्ठान द्वारा किया जाता है, जिससे व्यक्तियों को ज्ञात एवं अज्ञात शत्रुओं से राहत मिलती है और वे प्रगति और उन्नति करते हैं।

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वास्तु दोष शांति

जब हम किसी नए भवन में प्रवेश करते हैं, तो ब्रह्मा विष्णु महेश एवं अन्य सभी देवी देवताओं की पूजा करते हैं। लेकिन वह पूजा हमारे भवन के लिए विशेष फलदाई जब होती है, जब हम इसके साथ-साथ वास्तु पूजा भी करवाते हैं। वास्तु पूजन क्यों जरूरी होता है, घर में अकारण क्लेश या फिर हर दिन कोई धन हानी, विभिन्न रोगों से हानि, व्यापार में हानि, घर में मन नहीं लगना, घर में नकारात्मकता का होना यह सभी समस्याओं के निवारण के लिए आचार्य पंडित हरिओम शर्मा(स्वामी हरिहर) द्वारा श्रेष्ठ वास्तु पूजन कार्य एवं अनुष्ठान कार्य संपन्न कराया जाता है, जिससे कि वह भवन मैं रहने वाले व्यक्ति दिन प्रतिदिन उन्नति और प्रगति करें।

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वैवाहिक बाधा निवारण​

मां बगलामुखी माता पूजन एवं अनुष्ठान से कुंडली दोष के कारण विवाह में देरी होने वाली समस्या का समाधान होता है, पंडित हरिओम शर्मा(स्वामी हरिहर) द्वारा विवाह रोकने के लिए कोई जादू टोना किए कराए, बंधन एवं तंत्र प्रयोग को काटने के लिए विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं, पंडित जी द्वारा विवाह प्रस्ताव लगातार अस्वीकार हो रहे हो, प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए अनुष्ठान मनचाहा प्रेम विवाह योग के लिए विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं, विवाह के बाद तलाक ना होने के लिए एवं पति और पत्नी के बीच में मधुर संबंध स्थापित करने के लिए पंडित जी द्वारा विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं।

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लक्ष्मी प्राप्ति​

मां बगलामुखी देवी लक्ष्मी प्राप्ति का प्रबल स्थान है, क्योंकि यहां पर मध्य में मां बगलामुखी दाएं में महालक्ष्मी देवी बाय में मां सरस्वती देवी विराजमान है, यहां पर पंडित हरिओम शर्मा(स्वामी हरिहर) द्वारा स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति के लिए ऋण, मुक्ति के लिए, दुश्मनों द्वारा लक्ष्मी प्राप्ति पर रोक दूर करवाना, यह सभी कार्यों के लिए विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं, इसमें आचार्य द्वारा लक्ष्मी प्राप्ति के लिए 36000 मंत्र जाप, सवा लाख मंत्र जाप, 51000 मंत्र जाप उसके बाद पूर्णता विशेष अनुष्ठान किया जाता है, जिससे कि व्यक्तियों को स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति एवं अपार संपदा की प्राप्ति होती है।

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पितृ दोष निवारण​

पंडित हरिओम शर्मा(स्वामी हरिहर) द्वारा पितृदोष शांति के लिए उज्जैन एवं अन्य स्थानों पर पूजा एवं अनुष्ठान कार्य संपन्न करवाएं जाते हैं। पित्र दोष के कारण प्रमुख समस्याएं अनेक बार प्रयास करने पर भी सफलता का न मिलना, अनेक बार प्रयास करने पर भी विवाह का ना होना, विवाहित जीवन में कलह रहना, परीक्षा में बार-बार असफल होना, नशे का आदी होना, नौकरी का ना लगना, गर्भपात एवं गर्भधारण की समस्या का होना, वंश वृद्धि ना होना, बच्चे की अकाल मृत्यु हो जाना, अत्यधिक क्रोधी होना, यह सभी समस्या पितृ दोष के कारण व्यक्तियों के परिवार पर पूर्णतः व्याप्त होती है। पंडित हरिओम शर्मा(स्वामी हरिहर) द्वारा इन सभी समस्याओं का पूर्णतः निवारण, उज्जैन एवं अन्य स्थानों पर विशेष पूजा एवं अनुष्ठान द्वारा किया जाता है, जिससे कि वह और उनके परिवार की पूर्णतः उन्नति एवं वंश वृद्धि होती है |

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व्यापार वृद्धि​

मां बगलामुखी देवी के दाएं में, महालक्ष्मी देवी विराजमान है, जो कि धन की देवी है व्यापार वृद्धि के लिए भी मां बगलामुखी माता मंदिर पर किए गए जप मंत्र एवं अनुष्ठान व्यापार वृद्धि के लिए सहायक है। माताजी के दरबार में विभिन्न व्यापारिक समस्याओं का समाधान किया जाता है, व्यापार में हानि का डर दूर होना, व्यापार में ज्ञात अज्ञात शत्रुओं का का भय दूर होना, व्यापार में कर्ज भुगतान का भय दूर होना, कारोबारी समस्या का निवारण, कारोबारियों को पारिवारिक एवं कानूनी समस्याओं से छुटकारा दिलाना, कारोबारी को ऋण मुक्त एवं धन वापसी का रास्ता सुगम करवाना, व्यापार वृद्धि के लिए लाल मिर्च अनुष्ठान, यह सभी कार्य पंडित हरिओम शर्मा(स्वामी हरिहर) द्वारा श्रेष्ठ मंत्रों एवं अनुष्ठान कार्यों द्वारा संपन्न करवाया जाता है, जिससे कि सभी व्यापारी वर्ग को अत्यंत लाभ प्राप्त होता है उनका व्यापार उन्नति की ओर अग्रसर होता है।

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न्यायिक विजय

मां बगलामुखी माता का एक सच्चे उपासक के सारे शत्रु स्वयं नष्ट हो जाते हैं, और वह सभी प्रकार के कानूनी मुकदमा और यहां तक कि जेल से भी मुक्त हो जाते हैं, जब अदालत या कानूनी कार्रवाई प्रभावित व्यक्ति के खिलाफ जाने लगती है तो ऐसी स्थिति में शत्रु पर विजय पाने के लिए, मां बगलामुखी अनुष्ठान अत्यंत सहायक माना जाता है मां बगलामुखी की पूजा एवं अनुष्ठान करने से व्यक्ति के पक्ष में कोर्ट केस जीतने की संभावना बढ़ जाती है, देवी के अनुष्ठान से आपको सालों से लंबित पारिवारिक, व्यापारी, फौजदारी, ऋण संबंधी एवं अन्य सभी मुकदमों पर जीत का आशीर्वाद मिलता है, न्यायिक असफलता एवं कोर्ट केस में सजा दिलवाने के लिए दुश्मनों एवं विरोधियों द्वारा किए गए तांत्रिक कार्यों को मां बगलामुखी अनुष्ठान से पूर्णतः दूर किया जाता है, जिससे कि उसे विजय प्राप्त होती है।

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